घोड़ासहन में  प्रेक्टिकल परीक्षा के नाम पर 200 रू. की माँग की जा रही है सरकारी विद्यालयों में ।..

 

घोड़ासहन से जन सहायता संघ से बिरेश कुमार की रिपोर्ट

घोड़ासहन:-तमाम सरकारी कवायदों व विभागीय निर्देषों के बावजूद सरकारी विद्यालयों में प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों का षोशण बदस्तुर जारी है। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण स्थानीय महन्थ रामजी दास षषिभूशण दास प्लस 2 प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय घोड़ासहन में देखा जा सकता है। 

जहां बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रीक की वार्शिक परीक्षा के प्रायोगिक परीक्षा में बेहतर अंक देने के नाम पर प्रति छात्र 200 रूपये की अवैध वसुली किया जा रही है। जिसका विडियो सोषल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें प्रायोगिक परीक्षा के लिए प्रभारी षिक्षक षम्भू प्रसाद द्वारा यह बताया जा रहा है कि पैसा देने वाले और नही देने वाले विद्यार्थियों का रजिस्टर अलग-अलग तैयार किया जा रहा है। जिसके आधार पर ही अंक दिया जाएगा। प्रधानाध्यापक रामनरेष यादव ने मामले के संबंध में अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि मामले की जांच कर संबंधित षिक्षक के विरूध कार्रवाई हेतू लिखा जाएगा।

 इधर षिक्षक षम्भू प्रसाद ने अंक देने के लिए राषि की मांग की जाने के मामले से इंकार करते हुए कहा कि प्रबंधन के निर्देषानुसार रजिस्टर तैयार किया जा रहा है। गौरतलब है कि पूर्व में भी मैट्रीक फॉर्म भरने में षुल्क से अधिक राषि की वसूली करने को लेकर छात्राओं द्वारा विरोध किए जाने का मामला जन सहायता संघ को मालूम चलते ही शिक्षा जुर्म खबर को मीडिया तक पंहुचा ही दिए है।

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