​चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष मुख्यमंत्री  नितीश कुमार  ने की पद यात्रा । पढ़े पूरा रिपोर्ट…

मोतिहारी से तैयब हसन ताज की रिपोर्ट
मोतिहारी ( पूर्वी चम्पारण ): मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चंपारण के उस स्थल से पदयात्रा आरंभ की, जहां सौ साल पूर्व जसौली पट्टी जाते समय मोहनदास करमचंद गांधी को अंग्रेजों ने लौटा दिया था


 और जिला छोड़ने का सम्मन थमाया था। गांधी लौट आए थे और इसके बाद 18 अप्रैल 1917 को चंपारण सत्याग्रह किया था। सीएम ने 8 किलोमीटर की यह यात्रा एक घंटे 20 मिनट में पूरी की। उनके साथ उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, मानव संसाधन विकास मंत्री अशोक चौधरी, पूर्वी चंपारण जिले के प्रभारी मंत्री मदन मोहन झा ने यह यात्रा पूरी की।


 चंद्रहिया पहुंचने पर सीएम ने सबसे पहले वहां बापू की स्थापित प्रतिमा पर पुष्पांजलि की। यहां उन्होंने सर्वधर्म प्रार्थना में भाग लिया। मौके पर जिले के महागठबंधन से जुड़े सभी विधायक, विधान पार्षद के अलावा तीनों दलों के प्रमुख नेता मौजूद थे।


 अधिकारियों की टीम पूरे लाव-लश्कर के साथ मौजूद थी। यहां सरकार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, डीजीपी पीके ठाकुर, मुजफ्फरपुर के आईजी सुनील कुमार के अलावा अन्य विभागों के प्रधान सचिव एवं सचिव मौजूद थे। 


जिलाधिकारी अनुपम कुमार एवं एसपी जितेंद्र राणा प्रबंधन एवं विधि व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे। इस पदयात्रा की खास बात यह रही कि अधिकांश नेता सिर पर गांधी टोपी धारण किए हुए थे। इसके बाद हजारों लोगों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग 28 ए होकर मोतिहारी गांधी बाल उद्यान तक की यात्रा पूरी की। यहां मौजूद बापू की योगमुद्रावाली प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्हें बापू का प्रिय भजन सुनाया गया। यहां पत्रबकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बापू के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इसके लिए सरकार की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आम दिनों में विरान रहनेवाले चंद्रहियां गांधी स्मारक आज पूरी तरह गुलजार दिखा।


 यहां बननेवाले थीम पार्क के बारे में जिला प्रशासन की ओर से सीएम को जानकारी दी गई। सीएम का अगला कार्यक्रम तीन बजे से गांधी मैदान में होना है, जिसको लेकर तैयारियां तेज रही। इस कार्यक्रम के दौरान विधायकों को अपने समर्थकों के साथ काफी उत्साह के साथ भागीदारी करते देखा गया।

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